पूर्वी चंपारण जिले का परिचय ---
पूर्वी चंपारण जिले का परिचय ---
पूर्वी चंपारण जिला --
पूर्वी चम्पारण , तिरहुत प्रमंडल का एक जिला है। जिले का जिला मुख्यालय मोतिहारी है। - इसके उत्तर में नेपाल ,दक्षिण में मुजफ्फरपुर , पूर्व में शिवहर सीतातामढ़ी तथा पश्चिम में पश्चिमी चम्पारण है। चम्पारण को विभाजित कर 1971 में जिला बनाया गया। जिले में 6 अनुमंडल मोतिहारी सदर, अरेराज, चकिया, रक्सौल, सिकरहना , पकड़ीदयाल और 27 प्रखंड हैं। इस जिले में 41 पुलिस थाना , 409 पंचायत और 1435 गांव हैं। जिले में कुल 3 लोक सभा और 12 विधान सभा क्षेत्र हैं।
चम्पारण शब्द चंपा और अरण्य से बना है जिसका मतलब होता है , चंपा का घना जंगल। चंपारण का क्षेत्र अत्यंत पवित्र और प्राचीन है। पौराणिक काल में यह एक तपोवन था। यही पर राजा उत्तानपाद के पुत्र ध्रुव ने तपस्या कर भगवान विष्णु को प्रसन्न किया। त्रेता युग में यह क्षेत्र का राज्य हुआ करता था। आधुनिक भारत में यह क्षेत्र महात्मा गांधी की कर्मभूमि रही है।
पूर्वी चंपारण लोक गीतों की पारंपरिक पौराणिक कथाओं के लिए जाना जाता है। अवसरों के अनुसार ये गीत अपने महत्व के हैं। झुमरी नृत्य पूर्वी चंपारण का व्यापक रूप से जाने वाला नृत्य है जो विवाहित महिलाओं द्वारा किया जाता है। पूर्वी चंपारण भी विभिन्न प्रकार के व्यंजन के लिए जाना जाता है। यह स्थान छेना मुर्की, केसरिया पेडा, खाजा, मालपुआ, खुर्मा, ठेकुआ, तिलकुट और मुरब्बा के लिए जाना जाता है। हर समृद्ध संस्कृति की तरह, पूर्वी चंपारण अपने उत्सवों के लिए जाना जाता है। प्रसिद्ध छठ पूजा पूर्वी चंपारण का मुख्य हिंदू त्यौहार है, जो सूर्य भगवान को समर्पित है। यह साल में दो बार मनाया जाता है; एक बार चैत्र (मार्च) और दूसरी बार कार्तिक (नवंबर) में। पर्यटक मकर संक्रांति, होली और दुर्गा पूजा के उत्सव के समय पूर्वी चंपारण की यात्रा की योजना बना सकते हैं।

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