शिवहर जिले का पर्यटन स्थल -
शिवहर जिले का पर्यटन स्थल -
शिवहर जिला पहले सीतामढ़ी का हिस्सा था। यहाँ का रहन सहन खान पान और संस्कृति सब सामान ही है।
यहाँ कई पर्यटन स्थल हैं।
देवकुली महदेव मंदिर --
देवकुली धाम---- बागमती नदी के किनारे डूबाघाट से सटे यहाँ का मुख्य धार्मिक स्थल "देवकुली धाम" है। देवकुली में भगवान शिव का एक अति प्राचीन मंदिर है जहां प्रत्येक रविवार को दर्शनार्थियों की भारी भीड जमा होती है। भूवनेश्वर नाथ मंदिर अति प्राचीन है. इस मंदिर का धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व है. कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण द्वापर काल में किया गया था. एक ही पत्थर को तराश कर इस मंदिर का निर्माण किया गया है। पूरे भारत में केवल 2 मंदिरों में ही श्री यंत्र लगा हुआ है- देवघर के बाबा बैजनाथ धाम मंदिर और शिवहर के बाबा भुनेश्वर नाथ मंदिर यानि देकुली धाम मंदिर में. ऐसी मान्यता है कि शिवलिंग पर जलाभिषेक के बाद जो भी मनोकामना मांगी जाती है वह सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है. इस मंदिर में पूरे बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल से भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं.
1956 में प्रकाशित अंगरेजी गजट में नेपाल के पशुपतिनाथ व भारत के हरिहर क्षेत्र के मध्य इस मंदिर के होने की बात कही गयी थी. कोलकाता हाई कोर्ट के एक फैसले में भी इस मंदिर को अति प्राचीन बताया गया है. ग्रामीणों की मानें तो इस्ट इंडिया कंपनी के चौकीदारी रसीद पर भी इस मंदिर का उल्लेख मिलता था. मंदिर के पश्चिम भाग में एक तालाब है. जिसकी खुदाई करीब 1962 में छतौनी गांव निवासी संत प्रेम भिक्षु ने कार्रवाई थी.
मुगल काल में औरंगजेब ने इस मंदिर को तोड़ने का प्रयास किया था. लेकिन जमीन से बाबा भुवनेश्वर नाथ के विकराल शिवलिंग निकलने के कारण वह डर के मारे भाग गया।
1934 में नेपाल और बिहार में बहुत भीषण भूकंप आया. रिक्टर स्केल पर इस भूकंप को 8 मापा गया. भूकंप के कारण बहुत बड़ी तबाही हुई. जमीन में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई. जमीन से बालू और पानी निकलने लगे. ज्यादातर घर -मकान गिर गए. 11000 -12000 लोग मारे गए. जिसमें से लगभग 7300 लोग केवल बिहार में ही मारे गए . लेकिन देकुली धाम मंदिर पर इस भूकंप का कोई असर नहीं पड़ा।

Comments
Post a Comment