समस्तीपुर जिले का परिचय ----
समस्तीपुर जिले का परिचय ----
समस्तीपुर जिला - यह जिला दरभंगा प्रमंडल का हिस्सा है। इस जिले का मुख्यालय समस्तीपुर है। इस जिले में 4 अनुमंडल 20 प्रखंड और 20 अंचल है। यहाँ 381 ग्राम पंचायत और 1260 गांव हैं। जिले के पूर्व में बेगूसराय और खगड़िया , पश्चिम में मुकफ्फरपुर और वैशाली , दक्षिण में पटना और उत्तर में दरभंगा जिला है। इस जिले में 2 लोकसभा सीट उजियारपुर और समस्तीपुर तथा १० विधानसभा सीट हैं। इस भूभाग का नाम सरैसा था। इसका प्राचीन नाम सोमवती था जो बदलकर सोम वस्तीपुर फिर समवस्ती पुर और समस्तीपुर हो गया।
समस्तीपुर जिले का 2,904 वर्ग किलोमीटर (1,121 वर्ग मील) का क्षेत्रफल है, यह तुलनात्मक रूप से इंडोनेशिया के मुना आइलैंड के बराबर है। समस्तीपुर उत्तर में बागमती नदी से घिरा है, जो इसे दरभंगा जिले से अलग करता है। समस्तीपुर में बूढ़ी गंडक, बाया, कोसी, कमला, करह, जामवारी और बलान सहित कई नदिया निकलती है, जामवारी और बलान दोनों बुदी गंडक की शाखाएं हैं। जिले के दक्षिण भाग में गंगा नदी की धाराएं बहती है | समस्तीपुर अपने उपजाऊ मैदान की वजह से कृषि में समृद्ध है। तंबाकू, मक्का, चावल और गेहूं मुख्य फसलें हैं। लीची और आम फल बहुतायत में उगाए जाते हैं। मुक्तापुर गांव में एक जूट मिल(रामेश्वर जूट मिल) है। यह बहुत प्रसिद्ध जूट मिल है, जो करीब 5000 लोगों को रोजगार देता है। शेखोपुर सबसे अच्छे कृषि गांवों में से एक है और इसमें मणिपुर में प्रसिद्ध मंदिर, भगवती स्थान भी है। समस्तीपुर में कई चीनी मिलों हैं जो इसे राज्य के चीनी उत्पादन में एक प्रमुख बनाती हैं।
समस्तीपुर आलू का प्रमुख उत्पादक है। जिले में 20 से
अधिक ठंडे भंडार हैं, सभी आलू भंडारण और कुल
क्षमता 650000 क्विंटल है। विद्यापति की कर्म भूमि
समस्तीपुर थी, यहाँ अवहट्ट (अपभ्रंश) भाषा की बहुलता
और लोकप्रियता थी| बाद में मिथिला भाषा व्यवहार में
आने लगी| इसकी अपनी स्वतंत्र लिपि में ही ज्यादातर
काम काज, लिखना-पढ़ना, चिट्ठी-पत्री आदि प्रयोग में
लाये जाते रहे। इसके अतिरिक्त यहाँ हिंदी, उर्दू, बंगला,
पंजाबी, मारवाड़ी, बज्जिका आदि भाषा बोलने वालो की
भी संख्या है| इनमे से कई भाषाएं सिर्फ पारिवारिक
बातचीत के व्यवहार में लाई जाती है।

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